Hindi News- आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन द्वारा शहीदों को समर्पित इंकलाबी समागम का आयोजन

All Latest NewsNews FlashPunjab News

 

सरकार की नीतियां ठेकेदारी, आउटसोर्सिंग, निजीकरण से भी कहीं ज्यादा खतरनाक है: डॉ. अतुल सूद

मौजूदा सरकार केवल 10% अमीर लोगों के लिए ही सभी नीतियां बना रही है: डॉ अतुल सूद

ट्रेड यूनियन को मजदूर किसानों विद्यार्थियों महिलाओं को साथ लेकर संघर्ष करने की जरूरत: डॉ. नवशरण कौर

Hindi News-

आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन द्वारा वर्कर क्लब में इंकलाबी समागम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य 23 मार्च के शहीदों शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि देना और वर्तमान समय में मजदूरों के संघर्ष, निजीकरण, आउटसोर्सिंग तथा सरकारी नीतियों के प्रभाव पर चर्चा करना था। इस समागम में मुख्य वक्ता के रूप में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रोफेसर डॉक्टर अतुल सूद उपस्थित रहे। साथ ही, डॉक्टर नवशरण कौर, जो एक सामाजिक कार्यकर्ता और महिला अधिकारों की पैरोकार हैं, ने भी अपने विचार साझा किए।

डॉक्टर अतुल सूद ने अपने भाषण में सरकार की नई आर्थिक नीतियों और रेलवे के निजीकरण पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां अब निजीकरण से आगे बढ़कर और भी गहरी हो चुकी हैं, जिन्हें समझने और उनके खिलाफ संघर्ष करने की आवश्यकता है। उन्होंने आरसीएफ एम्पलाइज यूनियन और इंडियन रेलवे एम्पलाइज फेडरेशन को भारतीय रेलवे में मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ने वाली एकमात्र संगठन बताया। डॉक्टर सूद ने कहा कि मौजूदा ट्रेड यूनियनों को कर्मचारियों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना चाहिए और उनके हक में संघर्ष करना चाहिए।

डॉ. सूद ने स्पष्ट तौर पर कहा कि 140 करोड़ की जनसंख्या वाले देश में केवल 10% लोगों को केंद्र में रखकर उन्हें के हिसाब से उन्हीं के लिए ही सभी नीतियां बनाई जा रही हैं जो इस समय सबसे ज्यादा खतरनाक है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नीतियां न केवल निजीकरण को बढ़ावा दे रही हैं, बल्कि कर्मचारियों की संख्या में कटौती, कार्य के हालातों में गिरावट और आउटसोर्सिंग को भी प्रोत्साहित कर रही हैं। इन नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।

डॉक्टर नवशरण कौर ने रेलवे की हालातों पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि निजीकरण और आउटसोर्सिंग के कारण रेलवे कर्मचारियों की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। उन्होंने मणिपुर के आदिवासी समुदाय और देश भर में महिलाओं पर हो रहे उत्पीड़न पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा और अत्याचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और इन्हें रोकने के लिए ट्रेड यूनियन के साथ किसान, मजदूर एवं विद्यार्थी संघर्ष को मिलकर काम करना होगा।

डॉक्टर कौर ने यह भी कहा कि शहीदों के बलिदान को याद करते हुए हमें एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सभी को मिलकर इन मजदूर विरोधी नीतियों और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ लड़ना होगा। उन्होंने रेलवे कर्मचारियों और महिलाओं की स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस समागम में मानवता कला मंच नगर की टीम द्वारा “चिड़िया दा चंबा” और “भारता वे भारता” नाटक प्रस्तुत किए गए। इन नाटकों ने धर्म के नाम पर हो रही राजनीति, समाज में फैल रही नफरत और महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को उजागर किया। साथ ही, शहीद भगत सिंह विचार मंच की कल्चरल टीम द्वारा इंकलाबी गीत पेश किए गए, जिन्होंने समागम के माहौल को और भी प्रेरक बना दिया।

मंच संचालन की भूमिका यूनियन के संगठन सचिव भरत राज ने वह खूबी निभाते हुए कहा कि हमें हमारे शहीदों से प्रेरणा लेने की जरूरत है वह हमसे कुछ आस रखते हैं, उनका मकसद केवल औपनिवेशिक शासन से मुक्ति पाना ही नहीं था, बल्कि एक ऐसे समाज की स्थापना करना था जहां समानता, न्याय और स्वतंत्रता हो। भगत सिंह ने स्पष्ट किया था कि वे ऐसी आजादी चाहते थे जिसमें शोषण, गरीबी और असमानता का कोई स्थान न हो।

उनका सपना एक ऐसे समाज का था जहां हर व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान मिले।उन्होंने कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने अपने बलिदान से यह संदेश दिया कि आजादी का मतलब केवल अंग्रेजों से मुक्ति नहीं है, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था का निर्माण करना है जो सभी नागरिकों के लिए न्यायपूर्ण और समतामूलक हो। उनकी क्रांतिकारी सोच और बलिदान आज भी हमें प्रेरणा देते हैं।

इस समागम में एससी & एसटी, ओबीसी, आईआरटीएसए, इंजीनियरिंग एसोसिएशन, शहीद भगत सिंह विचार मंच और तर्कशील सोसायटी टीबा के सदस्यों ने भी भाग लिया। आरसीएफ के सैकड़ों कर्मचारी और उनके परिवारों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

 

Media PBN Staff

Media PBN Desk is a proactive digital news and content management wing, committed to providing accurate, timely and comprehensive updates on regional affairs. Keeping an eye on every news, big or small, this media desk acts as a strong link between the government and the public. It closely monitors and reports on state policies, administrative decisions, court proceedings and socio-political developments. Focusing on journalistic integrity and digital expertise, this team is an expert in transforming complex government and administrative news into simple, interesting and readable content. Using modern digital tools and a prompt reporting system, Mediapbn.com desk ensures that everything from court decisions to public interest news reaches the readers with complete clarity and speed. It is always ready to educate citizens through unbiased journalism.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *