Panjab University चंडीगढ़ में त्रिभाषी AI-ML शब्दावली पर विशेषज्ञ सलाहकार समिति की बैठक

All Latest NewsNews FlashPunjab NewsTop BreakingTOP STORIES

 

Panjab University चंडीगढ़ में त्रिभाषी AI-ML शब्दावली पर विशेषज्ञ सलाहकार समिति की बैठक

चंडीगढ़, 5 मई 2026: पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में त्रिभाषी ए.आई.-एम.एल. शब्दावली पर विशेषज्ञ सलाहकार समिति की बैठक शुरू हुई। पंजाब विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ पंजाबी स्टडीज़ द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के क्षेत्रों में अंग्रेज़ी–हिंदी–पंजाबी त्रिभाषी शब्दावली तैयार करने के लिए विशेषज्ञ सलाहकार समिति (EAC) की पाँच दिवसीय बैठक का आज मोहन सिंह दीवाना हॉल में आरंभ हुआ। यह बैठक 5 से 9 मई 2026 तक कमीशन फॉर साइंटिफिक एंड टेक्निकल टर्मिनोलॉजी (CSTT), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित की जा रही है।

बैठक का उद्घाटन सत्र दीप प्रज्वलन की रस्म के साथ शुरू हुआ। इस अवसर पर माननीय कुलपति प्रो. रेनू विग और माननीय राज्यसभा सदस्य श्री सतनाम सिंह संधू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। डॉ. परमजीत सिद्धू, प्रमुख, पंजाबी विभाग ने आए हुए अतिथियों और विशेषज्ञ सलाहकार समिति के सदस्यों का स्वागत किया। इस पहल के उद्देश्य और महत्व के बारे में जानकारी दीपक कुमार, सहायक निदेशक, CSTT द्वारा दी गई।

राज्यसभा के नामित सदस्य सतनाम सिंह संधू ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय भाषाओं में तकनीकी ज्ञान की उपलब्धता से ग्रामीण और गैर-अंग्रेज़ी पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल समावेशी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी और विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में सीखने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ए.आई. के युग में क्षेत्रीय भाषाओं के लिए नए रास्ते खुले हैं।

उन्होंने पंजाबी मातृभाषा के विकास और प्रसार के लिए समर्पित साहित्यकारों और विद्वानों को आगे लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। वर्तमान समय में सबसे बड़ा मुद्दा पंजाब, पंजाबी संस्कृति और विरासत को बचाना और आगे बढ़ाना है। पंजाब की वर्तमान स्थिति पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने ‘पंजाब नीति’ अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही विद्यार्थियों को रोजगार के अवसरों की तलाश में नई तकनीक का नैतिक रूप से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो. रेनू विग ने कहा कि बहुभाषी तकनीकी शिक्षा आज की आवश्यकता है और यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा राष्ट्रीय ए.आई. पहल के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय ने हमेशा पंजाब और पंजाबी भाषा को प्राथमिकता दी है। पंजाब की विरासत और विश्वविद्यालय की स्थापना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय हमेशा से पंजाब और पंजाबी की सेवा में अग्रणी रहा है।

बैठक में देशभर से भाषा और तकनीकी विशेषज्ञ तथा विद्वान शामिल हुए हैं। आने वाले दिनों में एआई/एमएल से संबंधित त्रिभाषी तकनीकी शब्दावली के विकास पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। यह पहल भाषा और तकनीक के समन्वय के माध्यम से समावेशी ज्ञान समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सत्र का संचालन प्रो. योगराज ने किया और धन्यवाद प्रस्ताव प्रो. उमा सेठी द्वारा प्रस्तुत किया गया।

 

Media PBN Staff

Media PBN Staff