अधूरी शिक्षा को जीवन की बाधा नहीं, बल्कि नई उड़ान का आधार बनाना चाहिए : चेयरमैन डॉ. नवीन सिंगला
अधूरी शिक्षा को जीवन की बाधा नहीं, बल्कि नई उड़ान का आधार बनाना चाहिए : चेयरमैन डॉ. नवीन सिंगला
बुढलाडा, 18 जून 2026- जीआईएमटी कॉलेज, बुढलाडा के चेयरमैन डॉ. नवीन सिंगला ने कहा कि किसी भी कारणवश अधूरी रह गई शिक्षा को जीवन की हार नहीं समझना चाहिए, बल्कि उसे अपने सपनों को नई दिशा देने का अवसर मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल आधारित पाठ्यक्रम युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुके हैं।
डॉ. सिंगला ने कहा कि आर्थिक, सामाजिक अथवा पारिवारिक परिस्थितियों के कारण यदि किसी विद्यार्थी की पढ़ाई बीच में रुक जाती है, तो उसे निराश होने के बजाय पुनः शिक्षा से जुड़कर अपने जीवन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और समाज में सम्मानजनक पहचान बनाने का सबसे प्रभावी साधन है।
उन्होंने बताया कि जीआईएमटी कॉलेज, बुढलाडा विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण सुविधाएं, डिजिटल कक्षाएं, सुसज्जित प्रयोगशालाएं, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, उद्योगों से जुड़ी प्रशिक्षण गतिविधियां तथा रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाकर उनके सुनहरे भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रहा है। कॉलेज में विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है।
डॉ. सिंगला ने अभिभावकों और युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे शिक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं तथा किसी भी कारण से छूट गई पढ़ाई को दोबारा शुरू करने में संकोच न करें। उन्होंने कहा कि आज लिया गया शिक्षा का सही निर्णय ही कल की सफलता, आर्थिक आत्मनिर्भरता और उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।

