चिराग पासवान का ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम युवाओं की आकांक्षाओं को सुनने और समझने की सच्ची पहल : सुखमिन्द्रपाल सिंह ग्रेवाल भूखड़ी कलां
चिराग पासवान का ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम युवाओं की आकांक्षाओं को सुनने और समझने की सच्ची पहल : सुखमिन्द्रपाल सिंह ग्रेवाल भूखड़ी कलां
लुधियाना, 25 सितंबर 2026: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के पंजाब से युवा नेता सुखमिन्द्रपाल सिंह ग्रेवाल भूखड़ी कलां ने केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान द्वारा 24 सितंबर को पटना के पशु चिकित्सा मैदान में आयोजित ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम की हृदय से सराहना की।
ग्रेवाल ने कहा कि यह पहल देश के युवा वर्ग से सीधे जुड़ने, उनकी समस्याओं को सुनने और शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, तकनीक, स्वरोजगार तथा उनके भविष्य से जुड़ी आकांक्षाओं को समझने की एक ईमानदार और सार्थक कोशिश है।
उन्होंने कहा, “मैं चिराग पासवान जी की इस पहल की हृदय से सराहना करता हूं। उन्होंने केवल केंद्रीय मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक बड़े भाई की भावना के साथ युवाओं के बीच पहुंचकर उनकी बातें सुनीं। युवाओं को खुलकर बोलने, प्रश्न पूछने और अपनी चिंताएं सामने रखने का अवसर देना वास्तव में सराहनीय और प्रेरणादायक है।”
ग्रेवाल ने बताया कि चिराग पासवान जी ने युवाओं के साथ संवाद के दौरान अपने जीवन के अनुभव भी साझा किए। राजनीति में आने से पहले उनके फिल्म क्षेत्र से जुड़े अनुभव और वहां मिली असफलता का उदाहरण देकर उन्होंने युवाओं को यह संदेश दिया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी रुचि, योग्यता और क्षमता के अनुसार अपने क्षेत्र का चयन करना चाहिए तथा मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज के युवा वर्ग के सामने शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने की समस्या, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक, स्वरोजगार, नए व्यवसाय और उद्यमिता जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषय हैं। इन विषयों पर युवाओं के साथ सीधे संवाद करना समय की आवश्यकता है।
ग्रेवाल ने कहा, “युवा केवल भारत का भविष्य नहीं हैं, बल्कि वे वर्तमान भारत की दिशा और दशा तय करने वाली महत्वपूर्ण शक्ति भी हैं। युवाओं को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो उनके प्रश्नों को खुले मन से सुने, उनकी चिंताओं को समझे और उनके साथ मिलकर समाधान खोजने का प्रयास करे। चिराग पासवान जी का युवाओं से सीधे संवाद का यह तरीका जनसंवाद की राजनीति का एक सकारात्मक उदाहरण है।”
उन्होंने आगे कहा कि चिराग पासवान जी का यह संदेश कि हर प्रश्न का उत्तर तुरंत उपलब्ध होना आवश्यक नहीं है, लेकिन मिलकर समाधान खोजा जा सकता है, युवाओं के लिए महत्वपूर्ण सीख है। नेतृत्व केवल बोलने का नाम नहीं है, बल्कि सुनने, समझने और जिम्मेदारी स्वीकार करने का भी नाम है।
ग्रेवाल ने कहा कि युवाओं को अपनी आवाज उठाने, अपने सपनों और चिंताओं को सामने रखने तथा देश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी करने के लिए मंच देना सराहनीय कदम है। ऐसी पहलें युवाओं और जनप्रतिनिधियों के बीच विश्वास एवं संवाद को और मजबूत करती हैं।
ग्रेवाल ने कहा, “मैं चिराग पासवान जी के उत्साह, विनम्रता, सरलता और युवा पीढ़ी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए उन्हें हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। मैं कामना करता हूं कि वे इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ युवाओं की आवाज को मजबूती प्रदान करते हुए बिहार, पंजाब प्रदेश और पूरे देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहें।”

