Budget 2026- बजट में ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ की शिक्षा पर फोकस, 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान भी खुलेंगे
Budget 2026- बजट में ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ की शिक्षा पर फोकस, 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान भी खुलेंगे
Budget 2026, 1 Feb
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत ऑरेंज इकोनॉमी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देगा। उन्होंने यह भी बताया कि आयुष सेक्टर को भी नया आयाम मिलेगा।
ऑरेंज इकोनॉमी पर उन्होंने बताया कि एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) सेक्टर देश का एक तेजी से उभरता हुआ उद्योग है। संसद में बजट पेश करते समय वित्त मंत्री ने कहा कि यह वह क्षेत्र है जिसमें वर्ष 2030 तक लगभग 20 लाख पेशेवरों की आवश्यकता होगी। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यही कारण है कि पूरे देश में 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों इससे जुड़ी लैब्स स्थापित की जाएंगी।
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा, “ऑरेंज इकोनॉमी से जुड़ी शिक्षा पर जानकारी दी। भारतीय युवा ऑरेंज इकोनॉमी का लाभ ले सकें इसके लिए बकायदा सुव्यवस्थित शिक्षा प्रदान करने की पहल की गई है। देशभर के कई विश्वविद्यालयों व स्कूलों के छात्रों को इस महा-अभियान में शामिल करने की योजना है। इसके लिए विश्वविद्यालय व कॉलेज में ऑरेंज इकोनॉमी से जुड़ी लैब्स स्थापित की जाएंगी।”
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, “मैं मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीस को समर्थन देने का प्रस्ताव रखती हूँ, ताकि देशभर के 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जा सकें।”
उन्होंने कहा कि इस पहल से युवाओं को डिजिटल क्रिएटिव स्किल्स में प्रशिक्षित किया जाएगा। ऑरेंज इकोनॉमी को बढ़ावा देने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और भारत वैश्विक स्तर पर क्रिएटिव इंडस्ट्री में अपनी पहचान और मजबूत करेगा। शिक्षाविदों के अनुसार ऑरेंज इकोनॉमी के तहत रचनात्मकता, संस्कृति, डिजिटल कंटेंट और इनोवेशन आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे न केवल आर्थिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि युवाओं की प्रतिभा को वैश्विक मंच भी मिलेगा।
वहीं, इसके साथ ही वित्त मंत्री ने आयुष सेक्टर को मजबूत करने के लिए बजट भाषण में महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने बताया कि देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर व्यापक स्वीकार्यता और पहचान मिली है। आयुर्वेदिक उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार कई ठोस कदम उठाएगी। फार्मेसी और परीक्षण सुविधाओं का उन्नयन होगा।
वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि आयुष फार्मेसी और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया जाएगा। इसके साथ ही जामनगर स्थित डब्ल्यूएचओ का वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र और अधिक सशक्त बनाया जाएगा, ताकि भारत पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा सके। युवाओं, स्वास्थ्य और क्रिएटिव सेक्टर पर जोर देने की बात कही गई है। बजट 2026-27 में सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में युवा शक्ति, क्रिएटिव इंडस्ट्री और पारंपरिक चिकित्सा भारत की विकास यात्रा के प्रमुख स्तंभ होंगे।

